देहरादून। प्रदेश के सरकारी हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक और इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 93 प्रतिशत पद खाली हैं। शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के मुताबिक इनमें से 50 प्रतिशत पदों को सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद सीमित विभागीय भर्ती से भरने की कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सरकारी विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के खाली 50 प्रतिशत पदों को सीमित विभागीय परीक्षा से भरने का निर्णय लिया था। इसके लिए राज्य लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा गया लेकिन राजकीय शिक्षक संघ के विरोध के बाद सरकार ने प्रस्ताव वापस ले लिया। शिक्षकों का कहना था कि प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य के सभी खाली पद पदोन्नति के हैं। सभी को पदोन्नति से भरा जाए। शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत का कहना है कि प्रधानाचार्य के 50 प्रतिशत पदों पर सीमित विभागीय परीक्षा कराए जाने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग को भेजे प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर 2025 के आदेश के बाद वापस लिया गया है। सर्वोच्च न्यायालय का अंतिम निर्णय पारित होने के बाद भर्ती की कार्रवाई की जा सकेगी।