Close Menu
Hindustan Breaking NewsHindustan Breaking News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, October 9
    Hindustan Breaking NewsHindustan Breaking News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • जिले
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • उधम सिंह नगर
      • चमोली
      • टिहरी गढ़वाल
      • देहरादून
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • पौड़ी गढ़वाल
      • बागेश्वर
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अन्य राज्यों से
      • उत्तर प्रदेश
      • गुजरात
      • छत्तीसगढ़
      • जम्मू और कश्मीर
      • दिल्ली
      • पंजाब
      • पश्चिम बंगाल
      • बिहार
      • मध्य प्रदेश
      • महाराष्ट्र
      • राजस्थान
      • हरियाणा
    • राजनीति
    • बिज़नेस
    • क्राइम
    • खेल
    • मनोरंजन
    • अन्य
      • शिक्षा-करियर
      • महिला जगत
      • विचार-लेख
    • संपर्क सूत्र
    Hindustan Breaking NewsHindustan Breaking News
    Home » उत्तराखंड यूसीसी : विवाह के सभी कानून और प्रथाएं निष्प्रभावी

    उत्तराखंड यूसीसी : विवाह के सभी कानून और प्रथाएं निष्प्रभावी

    [ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]By [ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]6 February 2024
    हिन्दूस्तान ब्रेकिंग न्यूज

    विवाह का पंजीकरण न कराने पर सजा व जुर्माना

    विवाह से एक साल पहले नहीं हो सकेगा विच्छेद

    राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों पर लागू होगा यह बिल

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश का पहला कॉमन सिविल कोड बिल आज विधानसभा के पटल पर पेश कर दिया। इस बिल के लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह के सभी कानून, प्रथाएं और रूढ़ियां निष्प्रभावी हो जाएंगी। विवाह, लिव इन रिलेशनशिप और विवाह विच्छेद का पंजीकरण अनिवार्य हो जाएगा। कोई भी एक पति या पत्नी के रहते दूसरा विवाह नहीं कर पाएगा। लिव इन रिलेशनशिप से पैदा बच्चा वैध माना जाएगा। संपत्ति में बेटियों को बराबर का हक मिलेगा। उत्तराधिकार के नियम पर कड़े कर दिए गए हैं।
    हाथ में संविधान का प्रति लेकर लेकर विधानसभा पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कॉमन सिविल कोड का बिल सदन के पटल पर पेश कर दिया। 202 पेज के इस बिल में विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार, गोद लेने का अधिकार, लिव इन रिलेशनशिप, विवाह पंजीकरण पर विस्तार से नियम बनाए गए हैं। जानकारों का कहना है कि इस बिल के लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह के अन्य सभी कानून, रूढ़ियां या प्रथाएं स्वतः ही निष्प्रभावी हो जाएंगी। यह कानून राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के सभी नागरिकों पर भी लागू होगा। अलबत्ता अनूसूचित जनजाति के लोगों और समूहों पर यह कानून लागू नहीं होगा।
    नए कानून में सभी विवाहों पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। लिव इन रिलेशनशिप के लिए भी पंजीकरण जरूरी कर दिया गया है। विवाह के लिए पुरुष की उम्र 21 और महिला के लिए न्यूनतम 18 वर्ष कर दी गई है। पंजीकरण के लिए सचिव स्तर का अधिकार महानिबंधक और एसडीएम स्तर का अधिकारी निबंधक होगा। उप निबंधक भी नियुक्त किए जाएगा। ये अधिकारी किसी सूचना या शिकायत पर भी विवाह या लिव इन रिलेशन के पंजीकरण के लिए नोटिस जारी कर सकेंगे। नोटिस के एक माह बाद तक पंजीकरण के लिए आवेदन न करने पर 25 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।
    आपसी सहमति से भी विवाह विच्छेद हो सकेगा। लेकिन शर्त यह होगी कि विवाह को एक साल से अधिक का वक्त हो चुका हो। इसका उल्लंघन करने पर 50 हजार का जुर्माना और छह माह की सजा हो सकती है। हलाला जैसी रूढ़ि के मामलों में तीन वर्ष की सजा और एक लाख का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसे संज्ञेय अपराध में शामिल कर दिया गया है।

    लिव इन रिलेशन का पंजीकरण भी होगा अनिवार्य

    देहरादून। लिव इन रिलेशन का पंजीकरण भी अनिवार्य कर दिया गया है। तय किया गया है कि अगर कोई पुरुष या महिला पहले से विवाहित है या किसी अन्य के साथ इस तरह के लिव इन रिलेशन में है तो उनका पंजीकरण नहीं किया जाएगा। इस रिलेशन के बारे में अभिभावकों को भी सूचित किया जाएगा। इस रिलेशनशिप से पैदा होने वाले बच्चे को वैध माना जाएगा और उसे उत्तराधिकारी माना जाएगा। लिव इन रिलेशन को दोनों की सहमति से समय से पहले भी समाप्त किया जा सकता है। यह संबंध खत्म होने पर महिला को भरण पोषण का अधिकार होगा। एक माह तक पंजीकरण न कराने पर तीन माह की सजा और 10 हजार का जुर्माना होगा। गलत तथ्यों के साथ पंजीकरण कराने पर तीन माह की सजा और 25 का जुर्माना होगा।

    विवाह विच्छेद का मामला विचाराधीन होने पर महिला को भरण पोषण का अधिकार होगा

    देहरादून। विवाह विच्छेद का मामला विचाराधीन होने पर महिला को भरण पोषण का अधिकार होगा। विच्छेद के बाद हैसियत के अनुसार भरण पोषण की राशि तय की जाएगा। इस भरण पोषण में मेहर और स्त्रीधन को शामिल नहीं किया जाएगा। इस कानून में प्रतिबंधिक नातेदारी की सूची भी शामिल गई है। इसमें महिला और पुरुष की 37-37 श्रेणियों को शामिल किया गया है। यानि कि इनके बीच आपस में विवाह नहीं हो सकेगा। महिला के दोबारा विवाह करने में कोई शर्त नहीं है। बहु विवाह पर रोक लगाई गई है। यानि पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं हो सकती है। जानकारों का कहना है कि इस कानून से कुछ चीजों पर कोई फर्क नहीं होगा। मसलन विवाह की धार्मिक मान्यताओं और धार्मिक रीति-रिवाज पर असर नहीं होगा। खान-पान, पूजा-इबादत, वेश-भूषा पर प्रभाव नहीं होगा।

    प्रोग्रेसिव कानून है कॉमन सिविल कोड

    देहरादून। उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड लागू होने पर बच्चों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। कॉमन सिविल कोड में हिंदू हो या मुस्लिम, सभी धर्म और सम्प्रदायों को समान अधिकार दिए गए हैं। बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक जैसे शब्दों के लिए इस कानून में कोई जगह नहीं है। इस प्रकार इस कानून को प्रोग्रेसिव भी कहा जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए। और यही वजह है कि इसे कॉमन सिविल कानून का नाम दिया गया है। आजादी के 75 वर्षों में भी बच्चों और महिलाओं को उनके पर्याप्त अधिकार नहीं मिल पाए हैं। कॉमन सिविल कोड लागू होने से बच्चों और उनके अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। सभी धर्म और समुदायों के अधिकार समान होने से सामाजिक न्याय की दिशा में यह कानून बड़ा कदम साबित होगा। जानकारों का कहना है कि अभी तक सभी धर्म और समुदायों में विवाह, तलाक, भरण पोषण, बच्चा गोद लेना और उत्तराधिकार जैसे मामलों में अलग अलग नियम, प्रथा, रिवाज और परम्पराएं हैं। कॉमन सिविल कोड में ऐसे मामलों में सबके लिए एक नियम और व्यवस्था दी गई है। लिहाजा इस कानून को वर्ग विशेष के मुद्दों में न उलझाकर चर्चा इस कानून के प्राविधानों के पक्ष विपक्ष में होनी चाहिए।

    संविधान की मूल प्रति हाथों में लेकर विधानसभा पहुंचे सीएम धामी

    देहरादून। उत्तराखंड असेंबली में यूसीसी बिल मंगलवार को पेश हो गया है। इससे पहले उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी का अनोखा अंदाज दिखाई दिया। सीएम धामी भारत के संविधान की मूल प्रति हाथों में पकड़कर विधानसभा पहुंचे। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी व प्रेमचंद अग्रवाल भी सीएम के साथ मौजूद थे। उनके हाथों में समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट की प्रति थी। दरअसल, आज भारत के बाकी 27 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की नजर उत्तराखंड पर है। आजादी के बाद उत्तराखंड देश का पहला राज्य होने जा रहा है जहां यूसीसी लागू होगा। गोवा में पुर्तगालियों के समय से यूसीसी लागू है। ऐसे में देश के अन्य राज्य भी आगे यूसीसी लागू करने पर विचार करेंगे। रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। जाहिर है एक महिला ही महिलाओं के सामने आने वाली दिक्कतों को बेहतर समझ सकती है। इसके साथ ही समाज में धर्म के नाम पर व्याप्त अन्य असमानताओं को भी यूसीसी के जरिए दूर करने की कोशिश की जा रही है। उत्तराखंड की धामी सरकार जो यूसीसी बिल पेश किया है उसमें सभी धर्म के विवाह के लिए न्यूनतम आयु भी 18 वर्ष तय की गई है। ऐसा होने से बेटियों के कम उम्र में शादी की व्यवस्था को खत्म हो जाएगी। ड्राफ्ट में शादी के पंजीकरण को भी आवश्यक किया गया है। इससे भविष्य की सुरक्षा तय हो पाएगी। शादी को लेकर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूती दी जा सकेगी। ऐसा ना करने वालों को तमाम सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

    Post Views: 156
    Previous Articleपरिवहन विभाग और निगम के 122 अभ्यर्थियों को सीएम धामी ने सौंपे नियुक्ति पत्र
    Next Article उत्तराखण्ड में गौवंश व शराब तस्करी को लेकर बनेगा कड़ा कानून
    [ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]
    • Website

    Related Posts

    उत्तराखंड: देहरादून जिले में अचानक बदला मौसम, तापमान में आई गिरावट

    7 October 2026

    मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार को 12 साल बाद शरदोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ, सांस्कृतिक टीमों ने लिया भाग

    6 October 2026

    उत्तराखंड: शेरपुर में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण का मामला उठा, किसान यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने MDDA संयुक्त सचिव से की मुलाकात

    6 October 2026

    भाजपा: भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार दिनेश आर्य मंगलवार को विधानसभा में विधिवत नामांकन पत्र करेंगे दाखिल

    6 October 2026

    संत रविदास जयंती: उत्तराखंड में भाजपा निकालेगी समरसता संकल्प यात्रा, विभिन्न राज्यों से होते हुए उत्तराखंड पहुंचेगी

    6 October 2026

    चमोली: भू-धंसाव से प्रभावित ज्योतिर्मठ नगर में असुरक्षित घोषित 21 सरकारी भवनों को जल्द किया ध्वस्त जाएगा

    6 October 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    मौसम अपडेट
    लाइव क्रिकेट स्कोर

    Economy News

    उत्तराखंड: देहरादून जिले में अचानक बदला मौसम, तापमान में आई गिरावट

    By [ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]7 October 2026

    देहरादून: उत्तराखंड में अब मौसम ने करवट बदली है। दोपहर तक धूप के बाद देहरादून…

    मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार को 12 साल बाद शरदोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ, सांस्कृतिक टीमों ने लिया भाग

    6 October 2026

    मुंबई एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने की योजना

    6 October 2026
    Latest News
    • उत्तराखंड: देहरादून जिले में अचानक बदला मौसम, तापमान में आई गिरावट
    • मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार को 12 साल बाद शरदोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ, सांस्कृतिक टीमों ने लिया भाग
    • मुंबई एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने की योजना
    • उत्तराखंड: शेरपुर में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण का मामला उठा, किसान यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने MDDA संयुक्त सचिव से की मुलाकात
    • भाजपा: भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार दिनेश आर्य मंगलवार को विधानसभा में विधिवत नामांकन पत्र करेंगे दाखिल
    Popular News
    • प्रदेश के सभी शिक्षकों का परीक्षा पे चर्चा पोर्टल पर पंजीकरण हुआ अनिवार्य ([ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]) (193,912)
    • कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में बिना तैयारी के पहुंचे अधिकारियों को जमकर लगाई फटकार ([ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]) (124,013)
    • Uttrakhand : जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के अंतिम दिन राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) हुए शामिल ([ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]) (98,825)
    • मलारी हाईवे पर भापकुंड के पास पहाड़ी से आए भारी मलबे के कारण बंद ([ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]) (89,384)
    • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर प्रदेशभर में की ताबड़तोड़ कार्रवाई ([ Hindustan News Bureau | PUBLISHED BY : AYUSH ]) (89,160)
    CONTACT US

    Office: Raipur Dehradun Uttrakhand -248001

    Chief Editor / मुख्य संपादक
    Amit Pradhan
    ( Managing Director of New Business Times Co)

    E-mail / ईमेल
    info@hindustanbreakingnews.com

    Web Address / वेब पता
    www.hindustanbreakingnews.com

    Contact us: +91 7818070779

    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
    • Home
    • Buy Now

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.