देहरादून। तहसील विकासनगर के अंतर्गत ग्राम शेरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में कथित रूप से कृषि भूमि एवं अन्य भूमि को छोटे-छोटे भू-खंडों में विभाजित कर अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत विकास कार्य किए जाने की शिकायत को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को MDDA देहरादून के संयुक्त सचिव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के अध्यक्ष संजीव चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवेतिया तथा उत्तराखंड प्रदेश महामंत्री अमित कुमार व अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में की जा रही कथित प्लॉटिंग, निर्माण एवं भूमि संबंधी गतिविधियों को लेकर अधिकारियों के समक्ष गंभीरता से अपनी बात रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ग्राम शेरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में कुछ व्यक्तियों द्वारा कृषि भूमि एवं अन्य भूमि को छोटे-छोटे भू-खंडों में विभाजित कर प्लॉटिंग किए जाने तथा बिना सक्षम प्राधिकारी की आवश्यक अनुमति/स्वीकृति के सड़क निर्माण, भू-खंडों का चिन्हांकन एवं बिक्री-हस्तांतरण के लिए प्रचार-प्रसार जैसी गतिविधियां किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे भूमि उपयोग नियमों, राजस्व अभिलेखों एवं नियोजित विकास व्यवस्था के उल्लंघन की आशंका जताई गई है।
किसान यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि ग्राम शेरपुर एवं शिकायत में उल्लिखित अन्य स्थानों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण एवं अभिलेखीय सत्यापन कराया जाए। साथ ही संबंधित भूमि के खसरा नंबर, भूमि की प्रकृति एवं भू-उपयोग का राजस्व अभिलेखों से सत्यापन करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि जांच में अवैध प्लॉटिंग अथवा अनधिकृत विकास कार्य पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करते हुए ऐसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
इसके अलावा प्लॉटिंग/कॉलोनी विकसित करने के लिए आवश्यक मानचित्र, स्वीकृति एवं सक्षम प्राधिकारी की अनुमति की भी जांच किए जाने की मांग रखी गई। यदि संबंधित भूमि कृषि भूमि, नदी-नाला अथवा किसी अन्य प्रतिबंधित श्रेणी में आती है तो उसके संबंध में भी नियमानुसार जांच की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से जांच एवं की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को लिखित रूप से उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में भूमि संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने तथा अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संगठन लगातार संबंधित अधिकारियों के समक्ष किसानों और क्षेत्रवासियों की समस्याएं उठाता रहेगा।

